Tuesday, May 15, 2007

एहसास

हिंदी मैं ब्लोग्गिंग आसान होने से मैंने सोचा कि मैं अपनी लिखी हुई कुछ कविताओं को आप सब के समक्ष रखू।

मेरे पहली कविता : शीर्षक -> एहसास

अभी अभी कुछ देर पहले मुझे ऐसा एहसास हुआ है।
की यही उनकी आँचल कि खुशबू है ......
जिसके साये में मुझे उमर भर रहना है।
की यही उनकी कदमो कि आहट है .....
जिसके साथ साथ मुझे उमर भर चलना हैं।
इस समय मेरे कमरे मैं खामोशी है...
लकिन अभी अभी कुछ देर पहले मुझे ऐसा एहसास हुआ है ।
*****
उनकी वो मासूमियत भरी बातें....
मैं कई सदियों तक सुन सकता हूँ ।
उनकी वो बहुत खूबसूरत सी आँखें...
जिनको मैं आपना ताजमहल कह सकता हूँ।
आज ज़िंदगी तो हाथो से छुआ है मैं...
जबसे उनके हाथो को अपने हाथो मैं लिया है मैंने।
इस वक़्त मेरे दोनो हाथ खाली हैं॥
लकिन अभी अभी कुछ देर पहले मुझे ऐसा एहसास हुआ है.
*****



6 comments:

Atul Sharma said...

की यही उनकी कदमो कि आहट है .....
जिसके साथ साथ मुझे उमर भर चलना हैं।

बहुत सुंदर कविता है।
अशोकजी आपका चिट्ठा जगत में स्वागत है। आप ऐसे ही अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करते रहें।

Udan Tashtari said...

स्वागत है हिन्दी चिट्ठाजगत में इस सुंदर रचना के साथ. लिखते रहें, इंतजार रहेगा. शुभकामनाऐं.

Divine India said...

अशोक भाई…
बहुत संवेदनशील हृदय है आपका…यह ऐहसास भी वही दिखाता है…चिट्ठा जगत में तहे दिल से स्वागत है ऐसे ही लिखते रहें और लोगों को अपनी भावनाओं से परिचय कराएं

Ashok said...

मेरा हौसला बढाने के लिए, दोस्तो आप सभी का हार्दिक धन्यवाद.

सुनीता शानू said...

अशोक भाई सुंदर अहसास है,हमे भी अहसास हुआ है की आप बहुत सुन्दर लिख सकते है,...
चिट्ठा-जगत में आपका स्वागत है...
सुनीता(शानू)

Atul Sharma said...

अशोक भाई आप मेरे जिस ब्लॉग पर आए थे वह अभी केवल ब्लॉगर में टिप्पणी देने के लिए प्रयोग के तौर पर बनाया है क्योंकि आप या कई अन्य लोगों के ब्लॉग पर anonymous comments नहीं दिया जा सकता। यहाँ टिप्पणी देने के लिए गूगल या ब्लॉगर खाते से लॉग इन करना होता है। इसलिए मैंने यह ब्लॉग प्रायोगिक रूप से बना रखा है। फिलहाल मेरे ब्लॉग मालव संदेश का पता यह है http://malwa.wordpress.com/

यहाँ पर आपको मेरी पोस्ट पढ़ने को मिलेंगी।